छत्तीसगढ़ में अकाल की आहत, खेतों में दरारें, जलने लगे धान के पौधे

बिलासपुर। मानसून की बेस्र्खी का असर अब किसानों पर भारी पड़ने लगा है। बारिश न होने के कारण खेतों अब दरारें दिखने लगी है। उमस और भीषण गर्मी के कारण धान का पौधा मुरझाने के साथ जलने लगे हैं। किसानों का कहना है कि धान की बोआई के बाद पर्याप्त मात्रा में अब तक बारिश नहीं हो पाई है।

इसके चलते धान का पौधा बढ़ नहीं पा रहा है। अब एक और बड़ी परेशानी यह कि तेज उमस के कारण धान का पौधा मुरझाने लगा है। पौधों में लालिमा आने लगी है। किसानों का कहना है कि यह पौधों के जलने का संकेत है। अगर एक सप्ताह के भीतर अच्छी बारिश नहीं होती है तो धान के पौधे पूरी तरह जल जाएंगे।

तब खेत बंजर भूमि में तब्दील हो जाएगा । ऐसे में एक और अकाल की आशंका से किसान हताश और निराश नजर आने लगे हैं। किसानों का कहना है कि मानसून की बेस्र्खी के कारण खेती किसानी का काम एक माह पिछड़ गया है।

 डिप्टी सीएम केशव मौर्य की शैक्षिक योग्यता को लेकर दायर याचिका खारिज     |     हैकर्स नकली वेबसाइट बनाते हैं, ‘ब्लैक फ्राइडे’ सेल के आसपास डेटा चोरी     |     केरोल सिंगिंग ​​​​​​​और डांस कॉम्पिटिशन का होगा आयोजन, 18 दिसंबर को महारैली     |     जिला स्तरीय एथलेटिक स्पर्धा का हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ     |     परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, शुक्रवार को मवेशी चराने गया था युवक, पुलिस कर रही जांच     |     मोदी सरकार न्यायपालिका को मजबूत करने के लिए हर संभव काम कर रही:  किरण रीजीजू      |      यूपी में गुंडे बदमाश या तो जेल में हैं या राज्य छोड़कर भाग गए हैं: ब्रजेश पाठक     |     नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण जबलपुर मंडल की तीन ट्रेनें रहेगी निरस्त     |     दिग्गज एक्टर Vikram Gokhale का निधन     |     चीन में फिर कोरोना वायरस से बढ़ी दहशत,  30 हजार से अधिक लोग संक्रमित     |    

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें-8418855555