शाह का दावा- 2021 तक मिजोरम की राजधानी आइजोल में आएगी रेलवे लाइन

 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की सरकार ने संप्रग सरकार की तुलना में मिजोरम में विकास परियोजनाओं के लिये कोष का दुगुना आवंटन किया है। शाह ने राजधानी आइजोल में पूर्वोत्तर हथकरघा एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जिसका आयोजन पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) ने किया था। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार ने 13वें वित्त आयोग के माध्यम से मिजोरम के लिये 19,900 करोड़ रुपये का आवंटन किया था लेकिन मोदी सरकार 14वें वित्त आयोग के माध्यम से 42,970 करोड़ रुपये का आवंटन कर चुकी है।

गृह मंत्री बनने के बाद शाह की राज्य की यह पहली यात्रा है। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि 2021 तक आइजोल तक रेलवे लाइन आ जाएगी। शाह ने मुख्यमंत्री जोरामथंगा को राज्य के विकास की दिशा में काम करने का आश्वासन देते हुए कहा कि अगर देश में सबसे अशांत राज्य मिजोरम सबसे अधिक शांतिपूर्ण राज्य बन सकता है तो यह देश में सबसे अधिक विकसित राज्य भी बन सकता है। राज्य 1966 से करीब दो दशक लंबे विद्रोह का गवाह रहा है जो 1986 में भारत सरकार और मिजो नेशनल फ्रंट के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर के बाद खत्म हो गया। केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री से यह भी वादा किया कि वह कि इस खूबसूरत राज्य को विकसित, समृद्ध तथा और मनोरम बनाने के लिये हर संभव प्रयास किया जायेगा।

जोरामथंगा ने उम्मीद जतायी कि केंद्र की मदद से मिजोरम देश में सर्वोच्च सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को हासिल करेगा क्योंकि इसमें विकास की असीम संभावनाएं हैं। राज्य में प्रमुख सिविल सोसाइटी संगठनों और छात्र संस्थाओं की संगठन शक्तिशाली एनजीओ कोऑर्डिनेशन कमिटी ने शाह की यात्रा के दौरान काले शॉल पहनकर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला टाल दिया, हालांकि कुछ संगठनों ने तख्तियां दिखाकर विरोध जताया। विरोध करने वाले संगठनों में शामिल मिजोरम पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (एमपीसी) और पीपुल्स राइट टू आइडेंटीफाई एंड स्टेटस ऑफ मिजोरम (पीआरआईएसएम) ने वनापा हॉल के बाहर इकट्ठा होकर नागरिकता (संशोधन) विधेयक का विरोध किया।

लोकसभा ने आठ जनवरी 2019 को नागरिकता (संशोधन) विधेयक पारित किया है लेकिन इसे राज्यसभा में पेश नहीं किया जा सका। विधेयक में 12 साल की बजाय भारत में सात साल रह चुके पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के हिंदुओं, सिखों, बौद्ध, जैन, ईसाइयों और पारसियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है और इसके लिये उन्हें कोई दस्तावेज भी नहीं देना होगा। वर्तमान में इसके लिये भारत में 12 साल प्रवास का प्रावधान है। प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद शाह जोरामथंगा से मुलाकात करने वाले हैं और इसके बाद वह नागरिका (संशोधन) विधेयक पर एनजीओ कोऑर्डिनेशन कमिटी के नेताओं को संबोधित करेंगे।

25 हजार का इनामिया गैंगेस्टर का वांछित अभियुक्त गिरफ्तार     |     केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में की पूजा-अर्चना     |      नौकरी का झांसा देकर स्वामी प्रसाद मौर्य का निजी सचिव बन ठगी करने वाले गिरोह का छठा सदस्य गिरफ्तार     |     कुछ लोग राम को काल्पनिक मानते थे, अब अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन रहा है: सीएम योगी     |      महिला मित्र के साथ रह रहा सॉफ्टवेयर इंजीनियर 20वीं मंजिल से कूदा, हुई मौत      |     विजय की फिल्म ‘थलपति 67’ में संजय दत्त की धमाकेदार एंट्री…     |     वजन के साथ कोलेस्ट्रॉल भी होगा कम, लौकी का जूस पीने के अनोखे फायदे     |     पठान की सफलता पर खुश हुए संजू बाबा, शाहरुख खान को दी बधाई     |     फिल्म ‘तू झूठी मैं मक्कार’ का  गाना  ‘तेरे प्यार में’ हुआ रिलीज     |     कराची में अहमदी समुदाय की मस्जिद में उपद्रवियों ने की तोड़फोड़     |    

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9907788088